ISRO vs SpaceX — 2035 तक भारत की स्पेस यात्रा और निजी स्पेस क्रांति
SpaceX vs ISRO: क्या 2035 में भारत और अमेरिका की स्पेस रेस नई दिशा लेगी? Updated on: November 30 , 2025 By Pathprerna News Desk भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम अब अकेले “उपग्रह प्रक्षेपण और वैज्ञानिक मिशन” तक सीमित नहीं रहा। 2025 के दशक की शुरुआत में, ISRO ने अपनी तकनीकी क्षमताओं, नीतिगत सुधारों और निजी क्षेत्र की भागीदारी की रणनीति के ज़रिए यह संकेत दे दिया है कि 2035 तक भारत न सिर्फ एशिया, बल्कि पूरी दुनिया के क्वांटम स्पेसपावर देशों में अपना स्थान मजबूत करना चाहता है। वहीं, स्पेस टेक्नोलॉजी में वैश्विक रफ्तार बनाए रखने वाला SpaceX, commercial launches, re-usable rockets और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर कब्ज़ा बनाने की अपनी योजना के साथ आगे बढ़ रहा है। इस लेख में हम देखेंगे — 2035 तक ISRO और SpaceX के बीच “स्पेस प्रतिस्पर्धा एवं साझेदारी की संभावित तस्वीर” कैसी हो सकती है, और भारत की चुनौतियाँ व अवसर क्या होंगे। ISRO: भारत की क़ीमत-प्रभावी और वैज्ञानिक उड़ान की नींव ISRO की शुरुआत 1960s में हुई, लेकिन संस्था 1969 में स्थापित हुई। 1975 में पहला उपग्रह आर्यभट्ट भेजने से लेकर आज त...