नया Labour Code लागू 2025: नौकरीपेशा और workers पर क्या असर?
📰 नया Labour Code लागू: नौकरीपेशा और Workers पर क्या असर?
Updated on: November 24 , 2025
By Pathprerna News Desk
इन बदलावों का उद्देश्य है: कानूनों को सरल बनाना, कामगारों की सामाजिक सुरक्षा बढ़ाना, औपचारिक रोजगार को विस्तार देना और उद्यम-सामर्थ्य को बढ़ावा देना।
अब सवाल यह है: ये बदलाव नौकरीपेशा लोगों और मजदूरों के लिए वास्तव में क्या मायने रखते हैं — लाभ क्या है, जोखिम क्या हैं, और व्यवसायों पर क्या असर होगा?
क्या हैं मुख्य बदलाव?
चार श्रम संहिताएँ जिनका आज से प्रभाव है:
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Code on Wages, 2019
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Industrial Relations Code, 2020
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Code on Social Security, 2020
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Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020
इन प्रमुख बिंदुओं में बदलाव शामिल हैं:
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पुरानी 29 कानूनों का समेकन।
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न्यूनतम वेतन (floor wage) की व्यवस्था।
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नियुक्ति पत्र अनिवार्य।
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गिग/प्लैटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा।
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महिलाएँ रात में कार्य कर सकती हैं, समान वेतन का अधिकार।
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8–12 घंटे दैनिक काम की व्यवस्था, साप्ताहिक 48 घंटे तक।
लाभ : नौकरीपेशा & workers के लिए
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सामाजिक सुरक्षा का विस्तार — गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर्स अब सुरक्षा के दायरे में आ गए।
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नियुक्ति पत्र + तय वेतन — नौकरी शुरू करते समय लिखित लेटर मिलना अनिवार्य।
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संशोधित वेतन व्यवस्था — न्यूनतम वेतन का फर्श तय हो गया है, जिससे क्षेत्रीय असमानता कम होगी।
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महिलाओं के अधिकार बढ़े — समान वेतन, रात में काम की स्वतंत्रता, बेहतर सुरक्षा उपाय।
चुनौतियाँ और व्यवसायों पर असर
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व्यवसायों के लिए लचीलेपन में वृद्धि — अब 300 कर्मचारियों तक वाले उद्यमों को पहले की तुलना में लेआउट/रीडिज़ाइन आसान होगा।
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लेकिन कुछ ट्रेड यूनियनों ने विरोध जताया है कि ये बदलाव कामगारों के हितों को कमजोर कर सकते हैं।
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MSME-सेक्टर को शार्ट-टर्म में चुनौती हो सकती है क्योंकि बदलाव की प्रक्रिया में खर्च बढ़ सकता है।
आपको क्या करना चाहिए — नौकरीपेशा के रूप में
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नया नियुक्ति पत्र पढें और सुनिश्चित करें कि उसमें कम से कम न्यूनतम वेतन व अन्य लाभ दर्ज हों।
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अपनी श्रेणी (गिग, पार्ट-टाइम, फुल-टाइम) के अनुसार सामाजिक सुरक्षा लाभ देखें।
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अपनी नौकरी की शर्तें (काम का समय, ओवरटाइम, रात काम आदि) समझें।
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अगर जोखिम दिखे (उदाहरण के लिए, अनुबंध अवधि खुली हो, लाभ कम हों) — तो कामगार संगठन या श्रम पुलिस से संपर्क करें।
निष्कर्ष
भारत का यह श्रम-सम्पर्क सुधार एक बड़ा बदलाव है — नौकरीपेशा लोग अब बेहतर सुरक्षा व अधिकारों की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि परिवर्तन की प्रक्रिया सहज नहीं होगी और बदलाव के साथ तालमेल बैठने में समय लगेगा। इसलिए जानकारी रखना, आगे की स्थिति पर नजर रखना और अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहना अब और महत्वपूर्ण हो गया है।
Source: Public reports, official data, and verified open sources.
Category - Economics
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